फिरोज़पुर, 19 नवंबर 2025:
श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत फ़िरोज़पुर स्वास्थ्य विभाग ने आज अंगदान को लेकर एक जागरूकता अभियान चलाया। सिविल सर्जन डॉ. राजविंदर कौर की अगुवाई में लोगों को जीवन रक्षक अंगदान के लिए संकल्प दिलाया गया।
डॉ. राजविंदर कौर ने कहा कि करुणा, बलिदान और धार्मिक स्वतंत्रता के प्रतीक 9वें गुरु के इस पवित्र अवसर पर हर व्यक्ति को अपने परिवार सहित अंगदान का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत में हर साल लगभग 5 लाख लोगों की मौत अंगों की उपलब्धता न होने के कारण हो जाती है, जिनमें 2 लाख मरीज लिवर ट्रांसप्लांट का इंतज़ार करते हुए दम तोड़ देते हैं। चिकित्सा विज्ञान की प्रगति के साथ आज समय पर अंग उपलब्ध होने से कई जिंदगियों को बचाया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग 19 से 26 नवंबर तक अंगदान जागरूकता सप्ताह मना रहा है, ताकि लोगों तक इसके महत्व को व्यापक स्तर पर पहुंचाया जा सके।
जिला मास मीडिया अधिकारी संजीव शर्मा, डिप्टी एमएमओ अंकुश भंडारी और नेहा भंडारी ने बताया कि अंगदान दो प्रकार का होता है—
- जीवित दान, जिसमें 18 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति किडनी जैसे कुछ अंग दान कर सकता है।
- मृत्युपरांत दान, जिसमें मृत्यु के बाद शारीरिक स्थिति के अनुसार अंग और ऊतक दान किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आंख और ऊतक दान के लिए आयु सीमा नहीं होती।
इस अवसर पर सहायक सिविल सर्जन डॉ. सुषमा ठक्कर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. मीनाक्षी अब्रोल, स्कूल हेल्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. हरप्रीत कौर और डॉ. मनमीत सिंह, डॉ. समींदर, सुपरिंटेंडेंट परमवीर मोंगा, सिविल सर्जन की पीए विकास कालरा, मुखा कुमार और पूजा भी मौजूद रहे।






