चण्डीगढ़: हरियाणा ने जल संरक्षण और सतत जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने घोषित छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 में हरियाणा को ‘सर्वश्रेष्ठ राज्य (तृतीय स्थान)’ पुरस्कार से सम्मानित किया है।
यह सम्मान हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्राप्त किया। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना भी उपस्थित रहे।
दूरदर्शी जल प्रबंधन मॉडल का परिणाम
मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के मजबूत और दूरदर्शी एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन दृष्टिकोण का परिणाम है, जिसमें वैज्ञानिक योजना, सामुदायिक भागीदारी और आधुनिक तकनीकों का समावेश है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में जल संरक्षण को लेकर एकीकृत और व्यापक प्लान लागू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
“जल संरक्षण जन आंदोलन बनना चाहिए”
मंत्री ने कहा कि जल संरक्षण सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा—
“जब हर व्यक्ति जागरूक होगा, तभी जल संरक्षण के बेहतरीन परिणाम सामने आएंगे।”
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि हर अंतिम टेल तक पानी सुचारू रूप से पहुँचे, और इस दिशा में काम लगातार जारी है।
नेतृत्व को दिया श्रेय
श्रुति चौधरी ने केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व ने राज्य के सामूहिक प्रयासों को और मजबूती प्रदान की है।
उन्होंने ग्राउंड वाटर रिचार्ज को पूरे विश्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस दिशा में और अधिक प्रयास जारी रहेंगे।
मंत्रालय को धन्यवाद
हरियाणा का सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए जल शक्ति मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त करता है।
यह भी बताया गया कि पुरस्कार के लिए विभाग ने फरवरी 2025 में नामांकन प्रस्तुत किया था, जिसके बाद मंत्रालय की टीम ने विस्तृत ग्राउंड ट्रुथिंग करके मूल्यांकन किया।
समारोह में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल और प्रमुख अभियंता डॉ. सतबीर सिंह कादियान भी उपस्थित थे।






