नई दिल्ली, 15 नवंबर, 2025 : देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपनी डिजिटल सेवाओं को लेकर बड़ा बदलाव किया है। बैंक ने घोषणा की है कि 30 नवंबर 2025 के बाद OnlineSBI और YONO Lite ऐप्स पर mCash सुविधा पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। इस फैसले का असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो बिना लाभार्थी जोड़े, सिर्फ मोबाइल नंबर या ईमेल के जरिए पैसे भेजते थे।
क्या है mCash और क्यों हो रहा बंद?
mCash, SBI की एक विशेष डिजिटल सेवा थी जिसके जरिए इंटरनेट बैंकिंग उपयोगकर्ता बिना बेनिफिशरी जोड़े केवल रिसीवर का मोबाइल नंबर या ईमेल डालकर पैसे भेज सकते थे।
पैसे भेजने के बाद प्राप्तकर्ता को एक सिक्योर लिंक और 8-अंकों का पासकोड मिलता था, जिसके माध्यम से वह राशि किसी भी बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकता था।
अब SBI ने सुरक्षा और डिजिटल भुगतान मानकों को मजबूत करने के उद्देश्य से इस सुविधा को बंद करने का निर्णय लिया है।
1 दिसंबर के बाद क्या बदलेगा?
1 दिसंबर 2025 से ग्राहक बिना बेनिफिशरी रजिस्ट्रेशन के इस पुराने तरीके से पैसे नहीं भेज पाएंगे।
SBI ने अपनी वेबसाइट पर नोटिस जारी कर कहा है कि अब ग्राहक फंड ट्रांसफर के लिए UPI, IMPS, NEFT और RTGS जैसे सुरक्षित और आधुनिक तरीकों का उपयोग करें।
अब ग्राहकों के पास क्या विकल्प?
mCash बंद होने के बाद ग्राहक आसानी से UPI के जरिए पैसे भेज सकते हैं
- BHIM SBI Pay ऐप या किसी भी अन्य UPI ऐप का उपयोग करें
- ऐप खोलकर ‘Pay’ विकल्प चुनें
- VPA (UPI ID), अकाउंट-IFSC या QR कोड में से तरीका चुनें
- जानकारी भरें, डेबिट अकाउंट चुनें और UPI PIN डालकर भुगतान पूरा करें
SBI के इस नए बदलाव से बैंकिंग लेनदेन और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होने की उम्मीद है।






