पटियाला, 14 नवम्बर, 2025
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने पंजाब के सभी शहरों, कस्बों और गाँवों में खुले में कूड़ा जलाने की प्रथा को रोकने के लिए एक व्यापक राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत नगर निगम पटियाला के सहयोग से आज सफाई कर्मचारियों (वेस्ट वर्कर्स) के लिए पहला क्षमता-विकास प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
पर्यावरण प्रबंधन में सफाई कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए, पीपीसीबी ने कूड़ा-कर्कट प्रबंधन प्रथाओं को मजबूत बनाने के लिए लक्षित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं। उल्लेखनीय है कि सूखे पत्तों, बागबानी अवशेषों और मिश्रित कूड़े को खुले में जलाना वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है, जो पीएम 2.5, कार्बन मोनोऑक्साइड और जहरीली गैसों जैसे हानिकारक प्रदूषक उत्सर्जित करता है। यह धुएं में मिलकर आम जनता, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और श्वास संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।
सफाई कर्मचारी पंजाब की कूड़ा प्रबंधन प्रणाली की रीढ़ हैं। यह पहल हमारी फ्रंटलाइन सैनिटेशन टीमों को वैज्ञानिक ढंग से कूड़े के पृथक्करण, प्रबंधन एवं निपटान की तकनीकों से अवगत कराने के साथ-साथ कूड़ा प्रबंधन के टिकाऊ विकल्पों को बढ़ावा देगी। इस अवसर पर बात करते हुये पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने कहा कि हम ज़मीनी स्तर पर क्षमता निर्माण के माध्यम से स्वच्छ हवा, स्वस्थ जीवन और हराभरा पंजाब सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
यह सत्र खुले में कूड़ा न जलाने, बागबानी कूड़े की खाद बनाने और मल्चिंग को बढ़ावा देने, स्रोत पर ही कूड़ा पृथक करने को सुनिश्चित करने, तथा कूड़े की रीसाइक्लिंग और वैज्ञानिक निपटान की प्रथाओं को अपनाने पर केंद्रित रहा।
इस प्रशिक्षण के दौरान मोटिवेशनल स्पीकर परमजीत सिंह अग्रवाल ने बातचीत सत्र में कहा कि शहरों में सफाई कर्मियों की भूमिका उसी तरह महत्वपूर्ण है जैसे किसी दुल्हन के लिए मेकअप आर्टिस्ट की होती है। इसके पश्चात तमाशा ग्रुप द्वारा एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें कूड़ा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को रोचक तरीके से उजागर किया गया। सत्र में भाग लेने वाले सभी सफाई कर्मचारियों ने पंजाब के पर्यावरण को स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त बनाए रखने के मिशन का समर्थन करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर पीपीसीबी के अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि यह पहल राज्य के सभी नगर निगमों और स्थानीय निकायों में आयोजित किए जाने वाले ऐसे और भी कई प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत है। बोर्ड ने शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी), रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्लयूए), एनजीओ और सिविल सोसाइटी समूहों के साथ मिलकर टिकाऊ कूड़ा प्रबंधन हेतु जनसहभागिता आधारित समाधान बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्यवाहियों के माध्यम से राज्य भर में स्वच्छ वातावरण, हानिकारक गैसों के उत्सर्जन पर रोक और वायु गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करना है।






