श्रीनगर 15 नवंबर, 2025 : श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार देर रात हुए तेज धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस विस्फोट में 9 लोगों की मौत हो गई जबकि 32 लोग घायल हुए हैं। शनिवार को गृह मंत्रालय (MHA) ने स्पष्ट किया कि यह धमाका किसी आतंकी हमले का परिणाम नहीं था, बल्कि एक “दुर्भाग्यपूर्ण आकस्मिक हादसा” था।
जब्त किए गए विस्फोटकों की ‘रूटीन प्रोसेसिंग’ के दौरान हुआ धमाका
गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रशांत लोखंडे के अनुसार, हादसा रात 11:20 बजे पुलिस स्टेशन परिसर में हुआ। नौगाम पुलिस ने हाल ही में एफआईआर 162/2025 के तहत एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था और बड़ी मात्रा में अत्यधिक अस्थिर विस्फोटक और रसायन जब्त किए थे।
इन सामग्रियों को मानक प्रक्रियाओं के अनुसार पुलिस स्टेशन के खुले क्षेत्र में रखा गया था।
दो दिनों से चल रही थी फोरेंसिक प्रोसेसिंग
पिछले दो दिनों से विभिन्न एजेंसियां इन विस्फोटकों की फोरेंसिक और रासायनिक जांच कर रही थीं। इसी ‘रूटीन प्रोसेसिंग’ के दौरान अचानक एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ, जिससे पूरा परिसर हिल गया।
इस हादसे में 27 पुलिसकर्मी, 2 राजस्व अधिकारी और 3 नागरिक घायल हुए। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस स्टेशन नष्ट, आसपास की इमारतों को भी नुकसान
विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पुलिस स्टेशन पूरी तरह नष्ट हो गया। आसपास की कई इमारतों में भी भारी नुकसान हुआ है। घटनास्थल पर राहत व बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।
जांच जारी, अटकलों से बचने की अपील
संयुक्त सचिव प्रशांत लोखंडे ने कहा कि शुरुआती जांच से यह एक आकस्मिक विस्फोट प्रतीत होता है, लेकिन विस्फोट के सटीक कारणों की जांच अभी जारी है।
उन्होंने जनता से अपील की कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अटकलें न लगाएं।
सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई है और घायलों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।






