टोरंटो/नई दिल्ली, 4 नवंबर:
हर साल हज़ारों भारतीय छात्र उच्च शिक्षा (Higher Education) के लिए विदेशों की ओर रुख करते हैं, जिनमें कनाडा (Canada) उनकी पसंदीदा मंज़िलों में से एक रहा है। हालांकि, ताज़ा आँकड़ों से पता चला है कि कनाडाई सरकार ने भारतीय छात्रों के वीज़ा स्वीकृति दर (Visa Approval Rate) में काफी कटौती की है।
अगस्त 2025 में 74% वीज़ा आवेदन रद्द
कनाडा के इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज़ एंड सिटिजनशिप विभाग (IRCC) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 में 74% भारतीय छात्रों के वीज़ा आवेदन अस्वीकृत कर दिए गए — जो अब तक की सबसे ऊंची रिजेक्शन दर है।
दो सालों में 42% की बढ़ोतरी
अगस्त 2023 में यह दर केवल 32% थी, यानी दो सालों में 42% की वृद्धि दर्ज की गई है। यह दर्शाता है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय छात्रों के लिए कनाडा में प्रवेश पाना काफी मुश्किल हो गया है।
विदेशी शिक्षा के लिए भारतीय छात्रों की शीर्ष पसंदें:
- अमेरिका (USA)
- कनाडा (Canada)
- यूनाइटेड किंगडम (UK)
- जर्मनी (Germany)
- ऑस्ट्रेलिया (Australia)
वीज़ा आवेदन में भारी गिरावट
अगस्त 2023 में 20,900 भारतीय छात्रों ने कनाडाई वीज़ा के लिए आवेदन किया था, जबकि अगस्त 2025 तक यह संख्या घटकर मात्र 4,515 रह गई।
कूटनीतिक तनाव और सख्त नीतियां कारण
विश्लेषकों का कहना है कि भारत और कनाडा के बीच जारी कूटनीतिक तनाव (Diplomatic Tension) के साथ-साथ कनाडा की सख्त होती इमिग्रेशन नीतियाँ इस गिरावट की मुख्य वजह हैं।
सरकार ने वीज़ा धोखाधड़ी (Visa Fraud) को रोकने और विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिसके चलते भारतीय छात्रों के आवेदन अधिक संख्या में खारिज किए जा रहे हैं।
> विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले समय में भारतीय छात्रों की कनाडा में पढ़ाई की संख्या और भी कम हो सकती है।






