पटना। बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर उठ रहे राजनीतिक विवाद के बीच चुनाव आयोग ने गुरुवार को एक अहम स्पष्टिकरण जारी किया है। आयोग ने कहा है कि यदि किसी वैध मतदाता का नाम गलती से हट गया है, तो वह 1 अगस्त से 1 सितंबर के बीच में जरूरी दस्तावेजों के साथ अपना नाम दोबारा जुड़वा सकता है। दरअसल चुनाव आयोग ने साफ किया है, कि एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन बनाना है, न कि किसी समुदाय या समूह को निशाना बनाना।
आयोग के अनुसार, यदि तकनीकी कारणों या दस्तावेजों की कमी के चलते कोई वैध नाम सूची से कट गया हो, तो मतदाता या राजनीतिक दल निर्धारित समय सीमा में फॉर्म भरकर पुनः नाम जुड़वाने का आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही आयोग ने यह भी कहा कि अगर किसी अवैध मतदाता का नाम सूची में पाया जाता है, तो प्रमाण मिलने पर उसे तुरंत हटाया जाएगा। आयोग ने अपने आदेश में इस पूरी प्रक्रिया को एक नियमित प्रशासनिक अभ्यास करार दिया।






